Post Matric Scholarship Verification Start : पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति सत्यापन में बड़ा बदलाव – बिहार में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत छात्रों के आवेदनों के सत्यापन को लेकर सरकार ने अहम फैसला लिया है। अब छात्रवृत्ति के आवेदनों का सत्यापन PMS (Post Matric Scholarship) मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। इसका उद्देश्य जिलों में चल रही धीमी सत्यापन प्रक्रिया को तेज करना है।
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40 हजार में सिर्फ 15 हजार आवेदनों का हुआ सत्यापन
जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार अब तक लगभग 40 हजार से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं, लेकिन इनमें से केवल 15 हजार आवेदनों का ही सत्यापन पूरा हो पाया है। वेब आधारित मौजूदा प्रणाली के कारण सत्यापन में लगातार देरी सामने आ रही थी, जिसे देखते हुए अब मोबाइल ऐप आधारित सिस्टम को सक्रिय किया गया है।
शिक्षा विभाग ने जारी किए निर्देश
माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा इस संबंध में स्टेट इंफॉर्मेशन ऑफिसर को आधिकारिक पत्र जारी किया गया है। पत्र में साफ कहा गया है कि वेब आधारित प्रणाली के कारण सत्यापन में तकनीकी समस्याएं आ रही हैं, जिससे जिलों में कार्य प्रभावित हो रहा है। ऐसे में PMS मोबाइल ऐप के जरिए सत्यापन को प्राथमिकता दी जाए।
14 लाख से अधिक आवेदन अभी भी लंबित
छात्रवृत्ति समीक्षा बैठक में यह सामने आया कि:
- सत्र 2024–25 के लगभग 7,71,960 आवेदन
- सत्र 2025–26 के करीब 7,12,366 आवेदन
अब तक सत्यापन की प्रक्रिया में लंबित हैं। इसके अलावा 2022–23 और 2023–24 के भी सैकड़ों मामले अब तक निपटाए नहीं जा सके हैं। इतनी बड़ी संख्या में लंबित आवेदनों को लेकर विभागीय स्तर पर नाराजगी भी जाहिर की गई है।
भुगतान नहीं होने से छात्रों में असंतोष
आवेदन लंबित रहने के कारण अब तक कई पात्र छात्रों को छात्रवृत्ति राशि का भुगतान नहीं हो सका है। इससे छात्रों और अभिभावकों में असंतोष बढ़ रहा है। विभाग का मानना है कि यदि मोबाइल ऐप के जरिए सत्यापन शुरू होता है तो भुगतान प्रक्रिया भी तेजी से आगे बढ़ सकेगी।
मोबाइल ऐप से क्या होंगे फायदे?
- जिलों में फील्ड स्तर पर सत्यापन आसान
- तकनीकी समस्याओं में कमी
- कहीं से भी सत्यापन की सुविधा
- प्रक्रिया में तेजी और पारदर्शिता
- लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा
अधिकारियों ने क्या कहा?
अभियान से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जब भौतिक जांच के लिए टीम जाती है, तब भी पूरा डेटा सिस्टम में अपलोड करना पड़ता है। PMS मोबाइल ऐप से यह काम कहीं अधिक सरल और तेज हो जाएगा। जल्द ही सभी जिलों में इस ऐप के जरिए सत्यापन शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत PMS मोबाइल ऐप से सत्यापन शुरू होना लाखों छात्रों के लिए राहत की खबर है। यदि यह व्यवस्था प्रभावी रूप से लागू होती है, तो वर्षों से लंबित आवेदनों का समाधान संभव है और छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति राशि मिल सकेगी।
अन्त, आर्टिकल के अन्त में, हमें उम्मीद है कि, आप सभी को हमारा यह आर्टिकल बेहद पसंद आया होगा जिसके लिए आप हमारे इस आर्टिकल को लाइक, शेयर व कमेंट करेंगे।
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